शनिवार, 21 फ़रवरी 2015

कविता-६० : "इंतजार... तेरे आने का..."

इंतजार...
तेरे आने का
फिर रूठ कर जाने का

इंतजार तेरे हां कहने का
फिर एकाकक मुकरने का

इंतजार तेरी चाहत का
फिर तेरी बगावत का...

इंतजार तेरी बफाओ का
फिर बेबफाओ का...

इंतजार...
सिर्फ इंतजार
इंतजार का...
हाँ... मेरे प्यार का...
इंतजार...!!!
-------------------------------------------------------------
_________आपका अपना ‘अखिल जैन’_________


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें